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बिहार में होली के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस ने चाक‑चौबंद तैयारी कर दी, हर जिले में क्विक रिस्पांस टीम तैनात

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बिहार में होली के पर्व को हर्षोल्लास के साथ शांतिपूर्ण ढंग से मनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने राज्यभर में व्यापक और कड़े सुरक्षा इंतजाम कर लिए हैं। इस वर्ष, जिला मुख्यालय के साथ-साथ अनुमंडल स्तर पर भी अधिकतम संख्या में क्विक रिस्पांस टीम (QRT) तैनात की गई है ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति या हिंसक घटना का तुरंत सामना किया जा सके।
एडीजी (विधि-व्यवस्था) पंकज कुमार दराद ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय, सरदार पटेल भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि इस बार पिछले साल की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए, विशेष रूप से उन जिलों में QRT की संख्या बढ़ाई गई है, जहां पहले कोई दंगा‑फसाद या झूमटा जुलूस के दौरान तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एडीजी ने कहा कि होली के अवसर पर अरवल, नवादा और गया जैसे जिलों में झूमटा जुलूस निकालने की परंपरा रही है। इस वर्ष इन जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल, वज्र वाहन, वाटर कैनन और लाठीचार्ज की तैयारी के साथ व्यापक सुरक्षा कवरेज रखा गया है। सभी थानों को निर्देश दिया गया है कि बिना लाइसेंस के किसी भी जुलूस की अनुमति नहीं दी जाएगी और जुलूस मार्ग का भौतिक सत्यापन अनिवार्य होगा। पिछले साल गया में 142, नवादा में 81 और अरवल में 12 झूमटा जुलूसों को लाइसेंस प्रदान किया गया था।
रमजान के मौजूदा समय को ध्यान में रखते हुए, पुलिस ने होली के दौरान रंग-अबीर खेलने और जुलूस में तेज आवाज वाले डीजे, अश्लील संगीत बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के भी आदेश दिए हैं। सभी जिलों में यह दिशा-निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, सभी जिलों के कंट्रोल रूम 24 घंटे अलर्ट रहेंगे और सीधा मुख्यालय से जुड़ेंगे, जिससे हर छोटी‑से‑छोटी घटना पर नजर रखी जा सके। फरवरी से अब तक होली से संबंधित मामलों में बड़ी संख्या में कार्रवाई की जा चुकी है। इस दौरान 1,32,824 व्यक्तियों के खिलाफ बीएनएसएस की धारा-126 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की गई है, जबकि सीसीए की धारा-3 के तहत 265 मामलों के लिए डीएम को प्रस्ताव भेजा गया।
पिछले महीनों में पुलिस ने अन्य मामलों में भी ठोस कार्रवाई की है। फरवरी में हत्याओं में 379, डकैती में 63, लूट में 146, एससी-एसटी एक्ट में 309 और अपहरण समेत अन्य मामलों में 5459 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसी अवधि में 373 हथियार और 2186 कारतूस बरामद किए गए। हाल में चलाए गए एस-ड्राइव अभियान के दौरान 94,674 वाहनों की जांच की गई, 10,593 वाहनों को समन किया गया और 1 करोड़ 58 लाख 32 हजार रुपये से अधिक वसूला गया। साथ ही 1,918 वांछित अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 53 हजार लीटर विदेशी और 70 हजार लीटर से अधिक देशी शराब जब्त की गई।
एडीजी दराद ने सुरक्षा तंत्र को लेकर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि होली में कुल 12 कंपनियां क्षेत्रीय रिजर्व बल (RRB), 35 कंपनियां बीसैप, 18,822 नव-नियुक्त प्रशिक्षु सिपाही, 1,600 राजगीर स्थित बिहार पुलिस अकादमी के PTC प्रशिक्षु, 1,168 अन्य PTC प्रशिक्षु, 5,100 गृह रक्षक और 3 कंपनियां CAPF अलग-अलग जिलों या संवेदनशील स्थानों पर आवश्यकतानुसार तैनात की गई हैं।
पिछले साल होली के दौरान राज्य में 50 घटनाएं दर्ज हुई थीं। इनमें सबसे ज्यादा रोहतास में 12, नवादा में 7, पटना में 6, मुंगेर और सीतामढ़ी में 2-2 घटनाएं हुई थीं। इन अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष पुलिस ने विशेष सतर्कता बरती है।
एडीजी ने स्पष्ट किया कि होली के अवसर पर पुलिस का उद्देश्य सुरक्षित और शांति पूर्ण वातावरण सुनिश्चित करना, सभी नागरिकों की सुरक्षा करना और किसी भी प्रकार की अनियंत्रित गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई करना है। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी भी आपत्तिजनक पोस्ट या हिंसक सामग्री पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस प्रकार, बिहार पुलिस ने होली 2026 के लिए पूर्ण चाक-चौबंद सुरक्षा तंत्र तैयार किया है, जिसमें जिला एवं अनुमंडल स्तर पर विशेष बल, क्विक रिस्पांस टीम, आधुनिक उपकरण और लगातार निगरानी शामिल है। इसका उद्देश्य न केवल अपराधियों और दंगा-फसाद के प्रयासों को रोकना है, बल्कि आम नागरिकों के लिए शांतिपूर्ण और आनंदमय त्योहार का माहौल सुनिश्चित करना भी है।

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